हैदराबाद: तेलंगाना में दस दिनों तक चले गणेश उत्सव और प्रतिमा विसर्जन से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि 26 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में विसर्जन ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक सीवी आनंद ने यह जानकारी दी है।
यह स्पष्ट करना जरूरी है कि 13 मौतें किसी एक सामूहिक विसर्जन हादसे में नहीं हुईं। पुलिस के मुताबिक ये मौतें दस दिनों के उत्सव के दौरान राज्य के अलग-अलग स्थानों पर हुई घटनाओं से जुड़ी हैं। इसलिए इसे एक ही स्थान पर हुई दुर्घटना के रूप में प्रस्तुत करना सही नहीं होगा।
डीजीपी के अनुसार मृतकों में न्यू कोठागुडेम के सब-इंस्पेक्टर वेंकन्ना भी शामिल हैं, जो विसर्जन ड्यूटी के लिए हैदराबाद आए थे। उन्होंने यह भी बताया कि पटानचेरु क्षेत्र में छह मौतें दर्ज हुईं।
इस साल तेलंगाना के आधिकारिक गणेश पोर्टल पर करीब 1.24 लाख प्रतिमाएं पंजीकृत थीं। घरों, अपार्टमेंट और निजी परिसरों में स्थापित प्रतिमाओं को शामिल करने पर पुलिस का अनुमान है कि पूरे राज्य में इनकी संख्या करीब 3.5 से 4 लाख तक हो सकती है।
हैदराबाद में विसर्जन व्यवस्था के लिए 25 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसके अलावा राज्य पुलिस बल, RAF, NDRF और OCTOPUS की टीमें भी लगाई गईं तथा प्रमुख विसर्जन स्थलों पर CCTV, क्रेन और emergency services की व्यवस्था की गई।
शनिवार दोपहर तक विसर्जन की प्रक्रिया जारी रही। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ है।
पुलिस ने उत्सव के दौरान हुई मौतों और घायलों का समग्र आंकड़ा जारी किया है, लेकिन सभी 13 घटनाओं की विस्तृत परिस्थितियां सार्वजनिक रूप से एक साथ उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ऐसे में प्रत्येक मौत के कारण को विसर्जन के दौरान डूबने या किसी एक तरह की दुर्घटना से जोड़ना उचित नहीं होगा।

