मुंबई, 29 अक्टूबर 2026। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती सुस्त कारोबार के बाद निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा चढ़ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 22,900 के करीब पहुंच गया।
दोपहर 1:57 बजे सेंसेक्स 711 अंक यानी 0.97 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,957.39 पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 196 अंक यानी 0.86 प्रतिशत बढ़कर 22,894.75 पर पहुंच गया। ये कारोबार के दौरान दर्ज स्तर हैं, अंतिम बंद भाव नहीं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का असर बाजार की तेजी के पीछे प्रमुख वैश्विक संकेतों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दरों को यथावत रखने का फैसला शामिल रहा। फेड ने अपनी नीतिगत ब्याज दर 3.75 से 4 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखी है।
इस फैसले से बाजार को कुछ समर्थन मिला। हालांकि, अमेरिका में ऊंची बॉन्ड यील्ड और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की महंगी कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था और विदेशी निवेश के लिए चिंता बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 114 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
अदाणी पोर्ट्स और पावर ग्रिड में जोरदार खरीदारी गुरुवार के कारोबार में बिजली, ऊर्जा, वित्तीय और रोजमर्रा के उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में खरीदारी दिखाई दी।
दोपहर 12:12 बजे उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अदाणी पोर्ट्स का शेयर लगभग 4.34 प्रतिशत, पावर ग्रिड का 3.98 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक का करीब 3 प्रतिशत ऊपर था। आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर और इटरनल के शेयरों में भी तेजी रही।
दोपहर 1:36 बजे निफ्टी एफएमसीजी सूचकांक करीब 1.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
एक दिन पहले गिरावट में बंद हुआ था बाजार बुधवार, 28 अक्टूबर को सेंसेक्स 352.64 अंक गिरकर 73,246.03 पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 50.90 अंक की कमजोरी के साथ 22,698.85 पर बंद हुआ था।
गुरुवार को बाजार ने शुरुआती घंटों में इस गिरावट की भरपाई की। सुबह 10:43 बजे तक सेंसेक्स 550 अंक ऊपर पहुंच चुका था और दोपहर तक बढ़त 700 अंक के पार निकल गई।
क्या आगे भी बनी रहेगी तेजी? बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी ब्याज दरों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कंपनियों के तिमाही नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
गुरुवार को डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से जुड़ी गतिविधियों के कारण उतार-चढ़ाव की संभावना भी बनी हुई है। ऐसे में दोपहर की तेजी को पूरे कारोबारी सत्र के अंतिम परिणाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
प्रकाशित: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 | 4:21 PM IST

