रायपुर, 3 नवंबर 2026। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कथित घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मामले के प्रमुख आरोपी और ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को मंगलवार शाम दिल्ली से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर लाया गया। उसे बुधवार, 4 नवंबर को विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया जाएगा।
शाम करीब पांच बजे रायपुर पहुंचा आरोपी
पीटीआई के अनुसार, सीबीआई की टीम सौरभ चंद्राकर को मंगलवार शाम लगभग पांच बजे विमान से रायपुर लेकर पहुंची। जांच एजेंसी उसे अदालत में पेश करने के बाद आगे की पूछताछ के लिए हिरासत की मांग कर सकती है।
अमर उजाला ने शाम 6:57 बजे प्रकाशित रिपोर्ट में बताया कि सीबीआई ने आरोपी की चिकित्सकीय जांच कराने की तैयारी की थी। इसके बाद बुधवार दोपहर विशेष अदालत में पेशी निर्धारित है।
चंद्राकर को हाल ही में ओमान से भारत प्रत्यर्पित कराया गया था।
दिल्ली की अदालत ने दी थी दो दिन की ट्रांजिट रिमांड
सोमवार, 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने सीबीआई को चंद्राकर की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी थी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा विशेष न्यायाधीश निखिल चोपड़ा ने जांच एजेंसी को 4 नवंबर तक आरोपी को रायपुर की संबंधित अदालत में पेश करने की अनुमति दी।
सुनवाई में बचाव पक्ष ने दलील दी कि ओमान से प्रत्यर्पण प्रवर्तन निदेशालय के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के लिए हुआ था, इसलिए सीबीआई मामले में गिरफ्तारी और मुकदमा चलाने की वैधता पर सवाल उठता है।
सीबीआई ने इन दलीलों का विरोध किया। दिल्ली की अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रत्यर्पण संबंधी इस कानूनी विवाद का परीक्षण रायपुर की सक्षम अदालत कर सकती है।
महादेव ऐप मामले में क्या हैं आरोप?
जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के जरिए कथित रूप से बड़े पैमाने पर अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
सीबीआई का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर और सह-आरोपी रवि उप्पल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर अलग-अलग पैनल और शाखाओं के माध्यम से ऑनलाइन सट्टेबाजी की व्यवस्था बनाई थी।
जांच एजेंसी के मुताबिक, कथित सट्टेबाजी से प्राप्त रकम को अनेक बैंक खातों के जरिए स्थानांतरित किया गया और बाद में विदेश भेजा गया। सरकारी अधिकारियों को कथित संरक्षण राशि दिए जाने के आरोपों की भी जांच चल रही है।
ये जांच एजेंसियों के आरोप हैं। संबंधित व्यक्तियों की दोषसिद्धि अदालत में निर्धारित होनी बाकी है।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद जांच में तेजी
सीबीआई के अनुसार, चंद्राकर को ओमान में हिरासत में लिए जाने के बाद प्रत्यर्पण प्रक्रिया के माध्यम से भारत लाया गया।
एजेंसी ने छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र की अधिसूचनाओं के बाद दिसंबर 2024 में संबंधित मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। जांच में कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क, बैंकिंग लेनदेन और आपराधिक साजिश से संबंधित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
अब 4 नवंबर की सुनवाई में यह महत्वपूर्ण होगा कि रायपुर की विशेष अदालत आगे की हिरासत और बचाव पक्ष की कानूनी आपत्तियों पर क्या निर्णय लेती है।
प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 8:35 PM IST

