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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: 13वीं आरोपी सुबेहा पंडित 16 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर

मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच जारी, हरियाणा से हुई थी गिरफ्तारी

एक व्यक्ति कार में बैठ रहा है, जबकि टाइगर श्रॉफ की एक तस्वीर, जिसमें वह घायल दिख रहे हैं, बीच में है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने हरियाणा पुलिस की सहायता से सुबेहा पंडित को 1 नवंबर को करनाल जिले से गिरफ्तार किया था।
मुख्य बातें

टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में गिरफ्तार 22 वर्षीय सुबेहा पंडित को 16 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है ताकि उसकी कथित भूमिका और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से उसके संबंधों की जांच की जा सके।

  • सुबेहा पंडित को 1 नवंबर को हरियाणा के करनाल से गिरफ्तार किया गया था।
  • वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाली 13वीं आरोपी और तीसरी महिला है।
  • पुलिस का आरोप है कि सुबेहा एक संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी थी।
  • गोलीबारी 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी।
  • पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) की धाराएं भी जोड़ी हैं।
  • लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों की कथित संलिप्तता भी जांच के दायरे में है।

मुंबई, 3 नवंबर 2026। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मामले में गिरफ्तार 22 वर्षीय सुबेहा पंडित को मंगलवार को विशेष मकोका (MCOCA) अदालत में पेश किया गया। आज तक की शाम 4:40 बजे की लाइव अपडेट के अनुसार, अदालत ने उसे 16 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

हरियाणा के करनाल से हुई थी गिरफ्तारी

मुंबई क्राइम ब्रांच ने हरियाणा पुलिस की सहायता से सुबेहा पंडित को 1 नवंबर को करनाल जिले से गिरफ्तार किया था। वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाली 13वीं आरोपी और तीसरी महिला है।

पुलिस का आरोप है कि सुबेहा एक संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों से जुड़ी थी और उसने कथित तौर पर हमले की योजना को अंजाम देने में सहयोग किया। हालांकि, उसकी सटीक भूमिका और आरोपों की सत्यता अदालत में साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।

18 अक्टूबर को हुई थी गोलीबारी

यह मामला 18 अक्टूबर 2026 की शाम का है। मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ एक फुटबॉल मैदान से निकल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार पर कई गोलियां चलाई थीं।

इस हमले में अभिनेता को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन उनका वाहन चालक और वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे।

घटना के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास और शस्त्र कानून से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में जांच की जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।

संगठित अपराध के तहत जांच

27 अक्टूबर को पुलिस ने मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) की धाराएं भी जोड़ी थीं।

जांच एजेंसियां हमले के लिए हथियार उपलब्ध कराने, पैसों के लेन-देन और कथित आपराधिक गिरोह के सदस्यों के बीच संपर्क की जांच कर रही हैं।

इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों की कथित संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। हालांकि, किसी गिरोह की आपराधिक जिम्मेदारी और आरोपियों की दोषसिद्धि पर अंतिम फैसला न्यायालय करेगा।

आगे क्या होगा?

पुलिस हिरासत के दौरान जांच अधिकारी नई आरोपी की कथित भूमिका और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों से उसके संबंधों की जांच कर सकते हैं। हमले की पूरी साजिश, हथियारों की आपूर्ति और इसमें शामिल सभी व्यक्तियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करना जांच का प्रमुख उद्देश्य है।

प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 8:37 PM IST

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