श्रीनगर, 3 नवंबर 2026। जम्मू-कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) को मंगलवार को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। श्रीनगर लोकसभा क्षेत्र से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने पार्टी छोड़ने और अपनी संसदीय सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। उन्होंने बडगाम में आयोजित एक जनसभा के दौरान यह निर्णय सार्वजनिक किया।
अनुच्छेद 370 और चुनावी वादों को लेकर नाराजगी
रुहुल्लाह मेहदी लंबे समय से मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के शीर्ष नेतृत्व से असहमत चल रहे थे।
उनका आरोप है कि पार्टी ने 2024 के विधानसभा चुनाव में अनुच्छेद 370 की बहाली, संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा, आरक्षण व्यवस्था में सुधार और राजनीतिक बंदियों की रिहाई जैसे मुद्दों पर जनता से समर्थन मांगा था, लेकिन सत्ता में आने के बाद इन मांगों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी।
मेहदी ने पार्टी नेतृत्व की उस राजनीतिक दिशा पर भी सवाल उठाए, जिसमें उनके अनुसार अनुच्छेद 370 की बहाली के बजाय जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है।
ये आरोप मेहदी के अपने राजनीतिक आकलन पर आधारित हैं। इनसे नेशनल कॉन्फ्रेंस के चुनावी वादों के उल्लंघन का कोई कानूनी निष्कर्ष नहीं निकलता।
पिता की पुण्यतिथि पर किया फैसला सार्वजनिक
मेहदी ने अपने पिता आगा सैयद मेहदी की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बडगाम के बहिश्त-ए-ज़हरा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी से अलग होने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि उनका निर्णय किसी पद या व्यक्तिगत लाभ के विवाद के कारण नहीं, बल्कि राजनीतिक सिद्धांतों और चुनाव के समय किए गए वादों से जुड़ा है।
रुहुल्लाह लगभग 24 वर्षों से नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े हुए थे। उनकी विदाई को पार्टी के भीतर लंबे समय से जारी मतभेदों का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है।
क्या जम्मू-कश्मीर में बनेगा नया राजनीतिक दल?
नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ने के बाद मेहदी ने नई राजनीतिक व्यवस्था तैयार करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर के ईमानदार और जनहित के लिए काम करने वाले युवाओं को साथ लाना चाहते हैं।
हालांकि, उन्होंने अभी किसी नई पार्टी के नाम, संगठनात्मक ढांचे या चुनावी गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं की है।
दूसरी ओर, नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर मंत्रिमंडल और नेतृत्व के फैसलों को लेकर कुछ विधायकों की असहमति की रिपोर्ट भी सामने आई हैं। ऐसे में मेहदी का निर्णय सत्तारूढ़ दल के लिए नई राजनीतिक चुनौती बन सकता है।
क्या श्रीनगर लोकसभा सीट पर उपचुनाव होगा?
मेहदी ने सांसद पद छोड़ने का ऐलान किया है, लेकिन केवल सार्वजनिक घोषणा से लोकसभा सीट स्वतः रिक्त नहीं होती।
संसदीय नियमों के तहत उनका औपचारिक इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष को दिया जाना और उसकी प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है। यदि इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है, तो श्रीनगर सीट रिक्त होगी और उसके बाद उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
मंगलवार शाम तक उपलब्ध समाचार रिपोर्टों में लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली है।
प्रकाशित: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 8:38 PM IST

