सच्ची खबरें • मज़बूत भारत

रामपुर जेल से रिहा होते ही आजम खान को ED ने किया गिरफ्तार

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई कार्रवाई, सपा ने साधा निशाना.

एक आदमी काले रंग की टोपी और चश्मा पहने हुए, सफेद शर्ट और काले कोट में, बात कर रहा है।
आजम खान की रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ED द्वारा गिरफ्तारी.
मुख्य बातें

रामपुर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है.

  • आजम खान को 31 अक्टूबर 2026 की शाम रामपुर जेल से रिहा होते ही ED ने हिरासत में लिया.
  • यह गिरफ्तारी जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित 2019 के मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी है.
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 2 पैन कार्ड मामले में जमानत दी थी.
  • ED ने 28 अक्टूबर को जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था.
  • आजम खान ने अपनी गिरफ्तारी को अन्याय बताया और धार्मिक पहचान से जोड़ा.
  • समाजवादी पार्टी ने केंद्रीय एजेंसियों के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया है.

रामपुर, 31 अक्टूबर 2026। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को शनिवार शाम रामपुर जिला जेल से रिहा होने के कुछ ही मिनट बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।

आजम खान शनिवार शाम करीब साढ़े सात बजे जेल से बाहर आए थे। लेकिन पहले से मौजूद ED अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में ले लिया और पूछताछ के लिए अपने साथ ले गए। उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान भी जेल से रिहा हुए, जिन्हें घर जाने दिया गया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली थी जमानत आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को राहत दी थी। अदालत ने दोनों की सजा निलंबित करते हुए जमानत मंजूर की थी, हालांकि दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई थी।

इसके बाद संबंधित मामलों में रिहाई आदेश जेल प्रशासन तक पहुंचे। आजम खान लगभग 11 महीने से रामपुर जेल में बंद थे। शनिवार को उनकी रिहाई की खबर मिलने के बाद बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक जेल के बाहर जमा हो गए थे।

जौहर यूनिवर्सिटी मामले में ED की कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्तारी वर्ष 2019 में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ी बताई गई है। इसमें जौहर विश्वविद्यालय और उससे संबंधित ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन, जमीन अधिग्रहण तथा कथित सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच चल रही है।

इससे पहले 28 अक्टूबर को ED ने जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से कुर्क करने की कार्रवाई की थी। अगस्त में जांच एजेंसी ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली में आजम खान से संबंधित कई ठिकानों की तलाशी भी ली थी।

किसी संपत्ति की कुर्की या गिरफ्तारी अपने आप में आरोप सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।

गिरफ्तारी पर आजम खान ने जताई नाराजगी जेल से बाहर आने के बाद ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए आजम खान ने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने अपने खिलाफ कार्रवाई को धार्मिक पहचान से जोड़ते हुए सवाल उठाए और जौहर विश्वविद्यालय तथा बच्चों के लिए शिक्षण संस्थान स्थापित करने का उल्लेख किया।

उनका यह बयान गिरफ्तारी के तुरंत बाद सामने आया। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

समाजवादी पार्टी ने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गिरफ्तारी के बाद समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ ED जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद आजम खान को जेल से निकलते ही दूसरे मामले में गिरफ्तार करना गंभीर सवाल खड़े करता है। ये समाजवादी पार्टी के आरोप हैं।

रविवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना समाचार रिपोर्टों के अनुसार, ED आजम खान को रविवार, 1 नवंबर को गाजियाबाद की विशेष PMLA अदालत में पेश कर सकती है।

आगे की हिरासत और कानूनी प्रक्रिया अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी। फिलहाल जांच एजेंसी ने गिरफ्तार किए जाने की कार्रवाई की है; आरोपों पर अंतिम न्यायिक निर्णय होना बाकी है।

प्रकाशित: शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 | 9:27 PM IST

यह खबर शेयर करें

WhatsAppFacebookXTelegram