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Suchika Tariyal ने जीता भारत का पहला एशियन गेम्स MMA पदक

सुचिका तारियाल ने इतिहास रचा, पर ड्रॉ में 700 ग्राम अतिरिक्त वजन फाइनल से रोक गया।

झटपट समझें

Suchika Tariyal ने महिलाओं के Traditional MMA 60 किग्रा वर्ग में कांस्य जीत भारत का एशियन गेम्स इतिहास का पहला MMA पदक दिलाया।

मुख्य बातें

  • Suchika Tariyal ने महिलाओं के Traditional MMA 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।
  • MMA इसी एशियन गेम्स संस्करण में पहली बार पदक कार्यक्रम का हिस्सा बना।
  • सेमीफाइनल की समीक्षा के बाद 10 जजों के पैनल ने मुकाबला ड्रॉ माना।
  • टाई-ब्रेक में 700 ग्राम अधिक वजन के कारण Suchika Tariyal फाइनल से चूकीं।
  • क्वार्टरफाइनल में 2-0 से जीत ने भारत का पहला एशियन गेम्स MMA पदक सुनिश्चित किया।
  • Suchika Tariyal आठ बार की राष्ट्रीय जूडो चैंपियन रह चुकी हैं।
एक भारतीय महिला MMA खिलाड़ी ने एशियाई खेलों 2026 में कांस्य पदक जीता।
Suchika Tariyal के एशियन गेम्स अभियान और MMA में भारत के पहले पदक पर केंद्रित।

आइची-नागोया, जापान: भारतीय खिलाड़ी Suchika Tariyal ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। 36 वर्षीय सुचिका ने महिलाओं के Traditional MMA 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत को एशियन गेम्स इतिहास में मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स का पहला पदक दिलाया। MMA को इसी संस्करण में पहली बार एशियन गेम्स के पदक कार्यक्रम में शामिल किया गया है।

सुचिका का सेमीफाइनल सिंगापुर की हुई हून टेओ के खिलाफ बेहद करीबी रहा। शुरुआती फैसला सिंगापुर की खिलाड़ी के पक्ष में आने के बाद भारतीय दल ने आधिकारिक विरोध दर्ज कराया। इसके बाद मुकाबले के उपलब्ध वीडियो की समीक्षा हुई और 10 जजों के पैनल ने मुकाबले को ड्रॉ माना।

इसके बावजूद सुचिका फाइनल में नहीं पहुंच सकीं। MMA के लागू टाई-ब्रेक नियम के तहत ड्रॉ की स्थिति में दोनों खिलाड़ियों के वजन को आधार बनाया गया। सुचिका अपनी प्रतिद्वंद्वी से 700 ग्राम अधिक भारी थीं, इसलिए टेओ को विजेता घोषित कर दिया गया और भारतीय खिलाड़ी को कांस्य पदक मिला।

इससे पहले सुचिका ने क्वार्टरफाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था और उसी जीत के साथ भारत का MMA में पहला एशियन गेम्स पदक सुनिश्चित कर दिया था। सोमवार को कांस्य पदक के साथ उनका अभियान आधिकारिक रूप से समाप्त हुआ।

हरियाणा की सुचिका का सफर कई कॉम्बैट स्पोर्ट्स से होकर MMA तक पहुंचा है। वह आठ बार की राष्ट्रीय जूडो चैंपियन रह चुकी हैं और जूडो, कुराश तथा जिउ-जित्सु में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप और दक्षिण एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था।

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