मुंबई: भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार National Stock Exchange of India (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को आखिरी दिन निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। सोमवार शाम करीब 5 बजे तक ₹22,569 करोड़ का इश्यू लगभग 5.7 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। उपलब्ध एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले करीब 50.2 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
Reuters के मुताबिक एंकर निवेशकों की भागीदारी को जोड़ने पर ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर NSE के शेयरों के लिए प्राप्त बोलियों का मूल्य करीब ₹96,476 करोड़ यानी लगभग 10 अरब डॉलर पहुंच गया। अंतिम आंकड़े बोली संबंधी डेटा अपडेट होने के साथ बदल सकते हैं।
NSE ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। यह इश्यू पूरी तरह Offer for Sale (OFS) है, यानी IPO से मिलने वाली रकम NSE के पास नई पूंजी के रूप में नहीं जाएगी; मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेच रहे हैं।
अंतिम दिन की मांग में संस्थागत निवेशकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। Economic Times के अनुसार तीन दिन की बोली प्रक्रिया समाप्त होने तक इश्यू करीब 5.67 गुना सब्सक्राइब हुआ और Qualified Institutional Buyers की मजबूत मांग ने कुल सब्सक्रिप्शन को ऊपर पहुंचाया।
IPO का आकार लगभग ₹22,569 करोड़ है, जिससे यह भारतीय बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो गया है। NSE ने सार्वजनिक बाजार में उतरने की प्रक्रिया करीब एक दशक पहले शुरू की थी, लेकिन नियामकीय मामलों के कारण इसकी लिस्टिंग लंबे समय तक अटकी रही। हाल में जरूरी नियामकीय रास्ता साफ होने के बाद IPO आगे बढ़ सका।
मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार शेयर आवंटन 22 सितंबर को तय होने की उम्मीद है और NSE के शेयर 24 सितंबर को BSE पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि भारत के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE के शेयर उसके प्रमुख प्रतिद्वंद्वी BSE पर ट्रेड होंगे।
मजबूत सब्सक्रिप्शन के बावजूद इसे भविष्य के लिस्टिंग लाभ की गारंटी नहीं माना जा सकता। अंतिम दिन NSE के अनौपचारिक ग्रे मार्केट प्रीमियम में कमी भी दर्ज की गई है, इसलिए IPO की वास्तविक बाजार प्रतिक्रिया लिस्टिंग के बाद ही स्पष्ट होगी।

