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अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव: 75% अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा, नियमित सैनिक बनने का भी मौका

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए 2 साल के अतिरिक्त सेवाकाल को मंजूरी दी है।

भारतीय सेना के जवान एक परेड में खड़े हैं, उनके पीछे भारतीय झंडा लहरा रहा है।
अग्निपथ योजना में हुए बदलावों से अग्निवीरों के भविष्य पर पड़ने वाले प्रभाव।
मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना में बदलाव किया है, जिससे 75% अग्निवीरों को 2 साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प मिलेगा और वे नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने के लिए पात्र हो सकेंगे। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लिया है।

  • 75% अग्निवीरों को शुरुआती 4 साल के बाद 2 साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प मिलेगा।
  • अतिरिक्त सेवा के बाद, इच्छुक जवान निर्धारित चयन प्रक्रिया से नियमित सैन्य सेवा में शामिल हो सकेंगे।
  • यह बदलाव अग्निवीरों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद किया गया है।
  • वर्ष 2022 में भर्ती हुए पहले बैच के लगभग 18 हजार अग्निवीरों को इससे राहत मिलेगी।
  • कौशल प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था भी की जा रही है, जो नागरिक रोजगार में सहायक होगी।
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

नई दिल्ली, 4 नवंबर 2026। केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निवीरों के लिए दो वर्ष के अतिरिक्त सेवाकाल को मंजूरी दी है। इसके तहत शुरुआती चार साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित सेवा में शामिल नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल और सशस्त्र बलों में सेवा देने का विकल्प मिलेगा।

क्या है नई व्यवस्था?

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने बुधवार को कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अग्निवीरों के प्रदर्शन की समीक्षा के बाद यह बदलाव किया गया है।

वर्ष 2022 में शुरू हुई अग्निपथ योजना के तहत युवाओं की भर्ती चार वर्ष के लिए की जाती थी। इसके बाद प्रदर्शन और योग्यता के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत को नियमित सैन्य सेवा में शामिल करने का प्रावधान था, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवामुक्त होना पड़ता था।

नई व्यवस्था में बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा का अवसर दिया जाएगा। इस अवधि के बाद इच्छुक जवान निर्धारित चयन प्रक्रिया और योग्यता मानदंडों के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।

क्या छह साल बाद सभी की नौकरी पक्की होगी?

नहीं। अतिरिक्त सेवा और स्थायी नियुक्ति दो अलग बातें हैं।

सरकार ने नियमित भर्ती के लिए नया रास्ता खोला है, लेकिन स्थायी नियुक्ति उम्मीदवार की इच्छा, प्रदर्शन, योग्यता और निर्धारित चयन मानदंडों पर निर्भर करेगी।

इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सभी अग्निवीर छह साल पूरे करते ही स्वतः स्थायी सैनिक बन जाएंगे।

पहले बैच के करीब 18 हजार अग्निवीरों को राहत

अग्निपथ योजना के तहत वर्ष 2022 में भर्ती हुए पहले बैच का चार वर्ष का कार्यकाल समाप्त होने के करीब है।

पहले लगभग 18 हजार अग्निवीरों के दिसंबर 2026 तक सेवा पूरी कर बाहर निकलने की संभावना थी। नई व्यवस्था से इन जवानों को सशस्त्र बलों में आगे सेवा जारी रखने का एक और अवसर मिलेगा।

CDS के अनुसार, अग्निवीरों के प्रशिक्षण और अनुभव को मान्यता देने के लिए कौशल प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था भी की जा रही है, जो सैन्य सेवा के बाद नागरिक रोजगार के अवसर तलाशने में उपयोगी हो सकती है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फैसले का स्वागत किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने इसे सशस्त्र बलों में दीर्घकालीन संरचनात्मक सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार का उद्देश्य युवा, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप सैन्य बल तैयार करना है।

अब किन जानकारियों का इंतजार?

अतिरिक्त दो वर्ष की सेवा के लिए विस्तृत पात्रता, वेतन एवं भत्तों की शर्तें, आवेदन प्रक्रिया तथा नियमित नियुक्ति के चयन मानदंडों की पूरी आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार रहेगा।

इन विवरणों के सार्वजनिक होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि अलग-अलग बैचों और सैन्य सेवाओं के अग्निवीरों पर नई व्यवस्था किस तरह लागू होगी।

प्रकाशित: बुधवार, 4 नवंबर 2026 | 5:26 PM IST

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